Monday, 9 May 2011

Support to baba ramdev satyagrah in delhi !!

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 100% मतदान, 100% राष्ट्रवाद चिन्तन, 100% विदेशी कम्पनियों का बहिष्कार व स्वदेशी को आत्मसात करके, देशभक्त लोगों को 100% संगठित करना तथा 100% योगमय भारत का निर्माण कर स्वस्थ, समृध्द, संस्कारवान भारत बनाना – यही है “भारत स्वाभिमान” का अभियान । इसी से आयोगी देश में संपूर्ण आजादी व नई व्यवस्था और भारत बनेगा महान और राष्ट्र की सबसे बडी समस्या – भ्रष्टाचार का होगा पूर्ण समाधान । जगत की दौलत – पद, सत्ता, रूप एवं ऐश्वर्य के प्रलोभन से योगी ही बच सकता है । अत: राष्ट्र – जागरण के, भारत स्वाभिमान के अभियान में प्रत्येक योग शिक्षक, कार्यकर्ता एवं सदस्य का योगी होना उसकी प्राथमिकता एवं अनिवार्य शर्त है क्योंकि योग न करने के कारण अर्थात योगी न होने से आत्मविमुखता पैदा होती है । और आत्मविमुखता का ही परिणाम है – बेईमानी, भ्रष्टाचार, हिंसा, अपराध, असंवेदनशीलता, अकर्मण्यता, अविवेकशीलता, अजितेन्द्रियता, असंयम एवं अपवित्रता । हमने योग जागरण के साथ राष्ट्र – जागरण का कार्य आरंभ करके अथवा योग – धर्म को राष्ट्र – धर्म से जोड़ कर कोई विरोधाभासी कार्य नहीं किया है अपितु योग को विराट रूप में स्वीकार किया है । 



मुंबई, बुधवार, 4 मई 2011 प्रसिद्ध योग गुरु बाबा रामदेव जीभ्रष्टाचार समाप्त करने और विदेशी बैंकों में जमा काला धन वापस लाने तथा विदेशी बैंकों में काला धन जमा करने वालों के खिलाफ 'राष्ट्रद्रोह' के तहत कार्रवाई करने के लिए सरकार पर दबाव डालने के लिए चार जून से दिल्ली में अपने लाखों अनुयाइयों के साथ 'आमरण अनशन' पर बैठेंगे।
रामदेव जीबुधवार को बताया कि विदेशी बैंकों में भ्रष्ट नेताओं और अधिकारियों के लगभग 400 लाख करोड़ रुपए 'काला धन' के रूप में जमा है। उन्होंने कहा कि सरकार को इस संबंध में उचित कदम उठाते हुए काला धन वापस लाने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब तक हमारी तीनों मांगे सरकार नहीं मान लेती तक तक सत्याग्रह जारी रहेगा। रामदेव जीने कहा कि चार जून को दिल्ली में उनके साथ लगभग एक लाख लोग सत्याग्रह के लिए बैठेंगे और शायद यह संख्या दिन प्रति दिन बढ़ सकती है। जनता को जागरूक करने का आयोजन गुजरात के द्वारका से शुरू हो गया और एक जून को उज्जैन में समाप्त होगा। बाबा ने मांग करते हुए कहा कि यदि सरकार बड़े नोटों को छापना बंद कर दे तो भ्रष्टाचार में कटौती को मदद मिल सकती है और बाजार में फर्जी रुपए को चलाने में भी गिरावट आ सकती है। रामदेव जीने कहा कि राष्ट्र संघ में भ्रष्टाचार के संबंध में हुए सम्मेलन में कुछ राष्ट्रों ने दिसंबर 2005 में सहमति पत्र पर हस्ताक्षर कर दिए थे, लेकिन भारत में अभी तक यह मामला लंबित है। क्योंकि संसद की अनुमति के बाद इसे राष्ट्र संघ में वापस भेजना है। उन्होंने प्रश्न करते हुए कहा कि यह मामला इतने वर्षों से लंबित क्यों है। उन्होंने कहा कि विदेशी बैंको में जमा काला धन के संबंध में अंतरराष्ट्रीय मोनेट्री फंड और विश्व बैंक ने भी कहा है कि विदेशी बैंकों में एशियाई देशों का बहुत धन जमा है जिसमें भारत सबसे ऊपर है। रामदेव जीने 'लोकपाल बिल' के ड्राफ्ट के संबंध में कहा कि इसमें प्रावधान होना चाहिए कि भष्टाचारी नेताओं और अधिकारियों से धन वापस लिया जा सके और साथ ही 'मृत्यु दंड' का भी प्रावधान होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जमीन अधिग्रहण कानून में भी सुधार किया जाना चाहिए क्योंकि यह कानून अंग्रेजों के जमाने में बनाया गया था और यह कानून लोगों के हित में नहीं है। उन्होंने कहा कि अंग्रेजों के जमाने में जमीन अधिग्रहण के संबंध में 34735 कानून बनाए गए जो राष्ट्रहित के खिलाफ है। आतंकवाद के संबंध में उन्होंने कहा कि आतंकवादी संगठनों को उनकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए काले धन का उपयोग करते हैं

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